ताज़ा खबर
• ख़्वाजा अलफ़ैज़ ग्रुप द्वारा 16 जोड़ों की होगी इज्तेमाई शादी 8 दिसम्बर को• न्यू बाल उत्थान संस्था के सदस्यों द्वारा सांता बनकर बच्चे एवं बुजुर्गों के चेहरे पर बिखेरी मुस्कान• सदका-ए-जारीया है वृक्ष रोपण: मौलाना रमजान अमजदी• गोंडा: बुज़ुर्ग दंपति की धारदार हथियार से हत्या• मौलाना मोहम्मद शहाबुद्दीन कामिल मिस्बाही को जामिया का कार्यवाहक प्रधानाचार्य नियुक्त किया गया• सहजनवा: अचानक पलट गई स्कूल की बस, 25 से 30 बच्चे थे सवार• यूपी में आज से 3 दिनों तक बारिश की चेतावनी• तेज़ रफ़्तार कार ने मार टक्कर, एक की मौत, दो घायल• गोरखपुर: यूपी के कैबिनेट मंत्री डा० संजय निषाद को अब एमपी-एमएलए कोर्ट से समन, तीन दिन में हाजिर होने का निर्देश• ब्रेकिंग न्यूज़: अग्नि कांड के बाद अब ध्वस्त होगा होटल लेवाना

ताज़िया जायज़ या नाजायज़?

📅 28-07-2023 09:06 AM 👁 1 Readers 💬 0 Comments 🔁 0 Shares
धार्मिक

<p>जो ताजि़या हज़रत इमाम हुसैन रज़ीयल्लालहो अन्हो के रौज़ा मुबारक की हू बहू शक्ल में बनाया जाता है उसको कोई भी मौलवी नाजायज़ नहीं मानता है। यह मौलवियों पर झूठा इल्ज़ाम है और मौलवियों को बदनाम करने का तरीक़ा है</p>
<p>हां! जो ताजि़या हज़रत इमाम हुसैन रज़ीयल्लालहो अन्हो के रौज़ा मुबारक की हू बहू शक्ल में नहीं बनाया जाता है और उसकी जगह हवामहल, ताजमहल, लाल किला वगैरह की शक्ल में बनाया जाता है उसको हर मौलवी नाजायज़ व हराम मानता है और इसी को "मोरव्विजा ताज़ियादारी" कहा जाता है जो यक़ीनन नाजायज़ व हराम है और अपना माल बर्बाद करना है।‌ हक़ गो और बेबाक मौलवी/ इमाम, क़ौम को हमेशा अपनी तक़रीरों/ तहरीरों द्वारा शैतानी कामों से बचने के लिए कहते रहते हैं</p>
<p>नोट: शक्ति प्रदर्शन के लिए मुसलमानों का ईमानी नारा "नारा-ए-तकबीर, अल्लाहो अकबर" काफ़ी है। जुलूस में हुल्लड़ बाज़ी करना, शोर शराबा करना, ढ़ोल बजाना, सीना पीटना, ज़ोर ज़ोर से चिल्लाना, मां बहनों, बहू बेटियों का सज धज कर जुलूस में शामिल होना, जुलूस के दौरान नमाज़ का टाइम होने पर भी नमाज़ नहीं पढ़ना, दसवीं मोहर्रम का रोज़ा न रखना, अनेकों अनेक प्रकार के शैतानी कामों में भागीदार बनना, यह शक्ति प्रदर्शन नहीं हो सकता है</p>
<p>ऐ ईमान वालो! इस्लाम में पूरी तरह से दाख़िल हो जाओ और शैतान की पैरवी न करो क्योंकि शैतान तुम्हारा खुला दुश्मन है (क़ुरआन शरीफ़)</p>
<p>यह शहादत गहे उल्फ़त में क़दम रखना है!लोग आसां समझते हैं मुसलमां होना!!</p>
<p>मौलाना मोहम्मद सैफुल्लाह ख़ां अस्दक़ीराष्ट्रीय अध्यक्ष: ग़ौसे आज़म फाउंडेशन, जयपुर, राजस्थान</p>

Give Reaction (0)

Share (0)

Comments (0)

Published By

📰 Editor ★★★★★
H

Hindi@Hamariaawaz

📍 Faizabad

📰 1048 Posts👁 439 Readers📊 0.4 Avg Readers

Reporter of News Home

More in this category

Muharram-ul-Haraam and how to celebrate it

Islamic New Year; A self review day

इस्लाम के पांच प्रमुख स्तम्भों में से एक है रोज़ा

Most Popular Posts

गोला ब्लॉक के कोहड़ी ग्रामसभा मे ट्रैक्टर पलटने से ट्रैक्टर सीख रहे बालक की मृत्यु

👁 168 Views

मऊ जनपद में 50 लाख तथा उससे अधिक लागत के निर्माण कार्याे की होगी समीक्षा

👁 117 Views

सिर्फ दिल्ली में ही नहीं, COVID-19 वैक्सीन पूरे देश में मुफ्त होगी: डॉ हर्षवर्धन

👁 77 Views

ओडिशा में आज से सिनेमा घर खोलने की मिली अनुमति

👁 67 Views

रूस के गेदज़ुख मे 5.1 तीव्रता का भुकंप

👁 66 Views

WA