ताज़ा खबर
• ख़्वाजा अलफ़ैज़ ग्रुप द्वारा 16 जोड़ों की होगी इज्तेमाई शादी 8 दिसम्बर को• न्यू बाल उत्थान संस्था के सदस्यों द्वारा सांता बनकर बच्चे एवं बुजुर्गों के चेहरे पर बिखेरी मुस्कान• सदका-ए-जारीया है वृक्ष रोपण: मौलाना रमजान अमजदी• गोंडा: बुज़ुर्ग दंपति की धारदार हथियार से हत्या• मौलाना मोहम्मद शहाबुद्दीन कामिल मिस्बाही को जामिया का कार्यवाहक प्रधानाचार्य नियुक्त किया गया• सहजनवा: अचानक पलट गई स्कूल की बस, 25 से 30 बच्चे थे सवार• यूपी में आज से 3 दिनों तक बारिश की चेतावनी• तेज़ रफ़्तार कार ने मार टक्कर, एक की मौत, दो घायल• गोरखपुर: यूपी के कैबिनेट मंत्री डा० संजय निषाद को अब एमपी-एमएलए कोर्ट से समन, तीन दिन में हाजिर होने का निर्देश• ब्रेकिंग न्यूज़: अग्नि कांड के बाद अब ध्वस्त होगा होटल लेवाना

मदरसा बोर्ड को बदनाम करने की साज़िश बेनकाब, 100 प्रतिशत से अधिक अंक का दावा निकला फर्जी

मदरसा बोर्ड परिणाम में '100 प्रतिशत से अधिक अंक' का दावा निराधार, वायरल शीट फर्जी

📅 25-05-2026 02:01 PM 👁 2 Readers 💬 0 Comments 🔁 0 Shares
लखनऊ

<p>लखनऊ।सोशल मीडिया और कुछ व्हाट्सऐप चैनलों पर इन दिनों एक शीट तेजी से वायरल हो रही है, जिसमें यह दावा किया जा रहा है कि उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा परिषद ने वर्ष 2026 के परिणाम में कुछ परीक्षार्थियों को 500 में से 525 अर्थात 105 प्रतिशत तक अंक दे दिए हैं। इन्हीं आँकड़ों के आधार पर 'महाफर्जीवाड़े' और 'धाँधली' जैसे शब्दों के साथ परिषद की छवि धूमिल करने का प्रयास किया जा रहा है। परिषद ने इन खबरों को पूरी तरह भ्रामक और तथ्यहीन बताते हुए स्पष्ट किया है कि वायरल हो रही यह शीट परिषद द्वारा जारी ही नहीं की गई है।</p>
<p>परिषद के अनुसार वायरल दस्तावेज पर न तो किसी सक्षम अधिकारी के हस्ताक्षर हैं और न ही उसका कोई आधिकारिक स्रोत। परिषद ने दो टूक कहा है कि उसके परिणाम पूरी तरह पारदर्शी और स्पष्ट हैं तथा किसी भी परीक्षार्थी को सौ प्रतिशत से अधिक अंक नहीं मिले हैं। इसका सत्यापन परिषद् की आधिकारिक वेबसाइट से किया जा सकता है।</p>
<p>परिषद के अधिकारियों ने वायरल शीट में दिखाई दे रहे '105 प्रतिशत' के पीछे की वास्तविक वजह भी स्पष्ट की है। आलिम स्तर की परीक्षा पाँच विषयों अर्थात कुल 500 अंकों की होती है, जबकि मुंशी/मौलवी स्तर की परीक्षा छह विषयों अर्थात कुल 600 अंकों की होती है। तदनुसार आलिम का प्रतिशत 500 के आधार पर और मुंशी/मौलवी का प्रतिशत 600 के आधार पर निकाला जाता है। वायरल शीट दरअसल आलिम की जिलेवार टॉप-10 सूची है, जिसमें 26वें पृष्ठ तक सभी जिलों के आलिम परीक्षार्थियों के सही आँकड़े दर्ज हैं। केवल 26वें पृष्ठ के अंतिम चार तथा 27वें पृष्ठ के समस्त परीक्षार्थी वस्तुतः मुंशी/मौलवी के हैं। इन परीक्षार्थियों के प्राप्तांक तो पूर्णतः सही हैं, परन्तु चूँकि वे आलिम की सूची में आ गए, इसलिए उनका प्रतिशत भी 600 के स्थान पर 500 के आधार पर निकाल दिया गया, जिससे आँकड़ा सौ प्रतिशत से ऊपर दिखने लगा। यदि इन्हीं प्राप्तांकों को सही आधार 600 पर निकाला जाए तो 525 अंक लगभग 87.5 प्रतिशत और 503 अंक लगभग 83.83 प्रतिशत बैठते हैं, जो पूर्णतः सामान्य हैं।</p>
<p>परिषद ने आमजन और अभिभावकों से अपील की है कि वे ऐसी असत्यापित और भ्रामक सूचनाओं पर विश्वास न करें और न ही उन्हें आगे प्रसारित करें। परिणाम से सम्बंधित किसी भी जानकारी के लिए केवल परिषद की आधिकारिक वेबसाइट और अधिकृत माध्यमों पर ही भरोसा करें।</p>

Give Reaction (0)

Share (0)

Comments (0)

Published By

📰 Editor ★★★★★
H

Hindi@Hamariaawaz

📍 Faizabad

📰 1048 Posts👁 449 Readers📊 0.4 Avg Readers

Reporter of News Home

More in this category

ब्रेकिंग न्यूज़: अग्नि कांड के बाद अब ध्वस्त होगा होटल लेवाना

मुख्यमंत्री ने जनपद लखनऊ में लेवाना होटल में लगी आग का लिया संज्ञान

विश्व मानवाधिकार परिषद संगठन को बढ़ाने एवं मजबूत करने हेतु प्रदेश कार्यालय पर हुई मीटिंग

Most Popular Posts

गोला ब्लॉक के कोहड़ी ग्रामसभा मे ट्रैक्टर पलटने से ट्रैक्टर सीख रहे बालक की मृत्यु

👁 168 Views

मऊ जनपद में 50 लाख तथा उससे अधिक लागत के निर्माण कार्याे की होगी समीक्षा

👁 117 Views

सिर्फ दिल्ली में ही नहीं, COVID-19 वैक्सीन पूरे देश में मुफ्त होगी: डॉ हर्षवर्धन

👁 77 Views

ओडिशा में आज से सिनेमा घर खोलने की मिली अनुमति

👁 67 Views

रूस के गेदज़ुख मे 5.1 तीव्रता का भुकंप

👁 66 Views

WA