ताज़ा खबर
• ख़्वाजा अलफ़ैज़ ग्रुप द्वारा 16 जोड़ों की होगी इज्तेमाई शादी 8 दिसम्बर को• न्यू बाल उत्थान संस्था के सदस्यों द्वारा सांता बनकर बच्चे एवं बुजुर्गों के चेहरे पर बिखेरी मुस्कान• सदका-ए-जारीया है वृक्ष रोपण: मौलाना रमजान अमजदी• गोंडा: बुज़ुर्ग दंपति की धारदार हथियार से हत्या• मौलाना मोहम्मद शहाबुद्दीन कामिल मिस्बाही को जामिया का कार्यवाहक प्रधानाचार्य नियुक्त किया गया• सहजनवा: अचानक पलट गई स्कूल की बस, 25 से 30 बच्चे थे सवार• यूपी में आज से 3 दिनों तक बारिश की चेतावनी• तेज़ रफ़्तार कार ने मार टक्कर, एक की मौत, दो घायल• गोरखपुर: यूपी के कैबिनेट मंत्री डा० संजय निषाद को अब एमपी-एमएलए कोर्ट से समन, तीन दिन में हाजिर होने का निर्देश• ब्रेकिंग न्यूज़: अग्नि कांड के बाद अब ध्वस्त होगा होटल लेवाना

अब और नहीं चलेगा बुल्डोजर, सुप्रीम कोर्ट ने योगी सरकार की कसी नकेल

📅 02-09-2024 06:18 PM 👁 2 Readers 💬 0 Comments 🔁 0 Shares
दिल्ली

<p>जमीअत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना महमूद असद मदनी ने कहा कि बुलडोजर से न्याय नहीं, बल्कि न्याय का कत्ल होता है।</p>
<p>किसी के आरोपी होने के कारण घरों को ध्वस्त नहीं किया जा सकता</p>
<p>जमीअत उलेमा-ए-हिंद (मौलाना महमूद असद मदनी) की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई। अदालत 'बुलडोजर कार्रवाइयों' के लिए देशभर में मार्गदर्शक दिशानिर्देश बनाएगी।</p>
<p>नई दिल्ली, 2 सितंबर: जमीअत उलेमा-ए-हिंद की याचिका संख्या 295/2022 पर सुनवाई करते हुए आज सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि त्वरित न्याय के लिए बुलडोजर प्रणाली नहीं चलेगी। सुप्रीम कोर्ट ने अपने प्रारंभिक टिप्पणियों में कहा कि आरोपी तो दूर, किसी अपराधी के घर पर बुलडोजर चलाने का किसी को अधिकार नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह अवैध निर्माणों का संरक्षण नहीं करेगी, लेकिन कुछ मार्गदर्शक सिद्धांतों का होना आवश्यक है।जस्टिस बी आर गवई और के जस्टिस विश्वनाथन की बेंच ने विभिन्न राज्यों में 'बुलडोजर कार्रवाइयों' के खिलाफ दायर याचिकाओं की सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों को 13 सितंबर तक मसौदा प्रस्ताव प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है ताकि उन्हें अदालत के समक्ष पेश किया जा सके। ये प्रस्ताव वरिष्ठ वकील नचिकेता जोशी के पास एकत्र किए जाएंगे, जिन्हें उन्हें संकलित करके अदालत के समक्ष प्रस्तुत करने का कहा गया है। बेंच ने इस मामले की सुनवाई के लिए अगली तारीख 17 सितंबर निर्धारित की है।आज जमीअत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना महमूद असद मदनी और जमीअत की ओर से याचिकाकर्ता मौलाना नयाज अहमद फारूकी सचिव जमीअत उलेमा-ए-हिंद की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता दुष्यंत दवे और एम आर शमशाद अदालत में पेश हुए, इस मामले में एडवोकेट ऑन रिकॉर्ड फरुख रशीद हैं। यह मामला जमीअत उलेमा-ए-हिंद ने जहांगीरपुरी दिल्ली में बुलडोजर कार्रवाई के खिलाफ दायर किया था, जिसमें जमीअत को उस समय बड़ी सफलता मिली थी और बुलडोजर पर रोक लगाई गई थी, लेकिन देश में लगातार जारी बुलडोजर कार्रवाई पर जमीअत ने नेतृत्व करते हुए तीन प्रदेशों के खिलाफ विशेष याचिका दाखिल की है।वरिष्ठ वकील दुष्यंत दवे ने विभिन्न, विशेषकर यूपी, राजस्थान, मध्य प्रदेश और दिल्ली में हुए हाल के घटनाक्रमों को उदाहरण के रूप में पेश किया। इसमें एक पिता-पुत्र का भी मामला शामिल था, जिस पर जस्टिस विश्वनाथन ने कहा कि एक पिता का बेटा नाफरमान हो सकता है, लेकिन उसके पिता के घर को इस आधार पर ध्वस्त किया जाना सही नहीं है।सालिसिटर जनरल ऑफ इंडिया तुषार मेहता ने इस बीच तर्क पेश किया कि अवैध निर्माणों से संबंधित नगरपालिका कानूनों के तहत मकानों को ध्वस्त किया गया। जमीअत के अधिवक्ता दुष्यंत दवे ने राज्य सरकारों की ओर से लोगों के घरों को ध्वस्त करने के बढ़ते चलन पर चिंता व्यक्त की, और जोर देकर कहा कि घर का अधिकार संविधान के आर्टिकल 21 के तहत जीवन के अधिकार का एक पहलू है। उन्होंने यह भी मांग की कि अदालत को ध्वस्त किए गए घरों की पुनर्निर्माण का आदेश देना चाहिए। उन्होंने तर्क किया कि जयपुर में स्कूल में दो बच्चों का झगड़ा हुआ तो उस में मुस्लिम बच्चे के पिता का घर गिरा दिया गया, जबकि इस मकान का मालिक राशिद खान मामूली ऑटो-रिक्शा चालक है, जिसने बड़ी मुश्किल से पैसे बचाकर घर खरीदा था। यह कैसा न्याय है? और भी आश्चर्यजनक कहानियाँ हैं, यूपी के कन्नौज में एक गरीब नाई की दुकान गिरा दी गई, केवल इस कारण से कि एक वीडियो आया कि वह सिर पर मालिश करते हुए हाथ में थूक लगा रहा है। कहां से इसे आप न्याय कहेंगे और कौन सा नगरपालिका कानून इसे कानून के अनुसार कहा जाएगा?</p>

Give Reaction (0)

Share (0)

Comments (0)

Published By

📰 Editor ★★★★★
H

Hindi@Hamariaawaz

📍 Faizabad

📰 1048 Posts👁 276 Readers📊 0.3 Avg Readers

Reporter of News Home

More in this category

Delhi-based publication house tenders apology over depiction of Prophet Mohammad in its book for 7th class

केंद्रीय वित्त मंत्री सीतारमण का दावा, भारत में मंदी की आशंका शून्य

एयर इंडिया लाई नई नीति, अब सेवानिवृत्ति के बाद भी विमान उड़ा सकेंगे पायलट

Most Popular Posts

गोला ब्लॉक के कोहड़ी ग्रामसभा मे ट्रैक्टर पलटने से ट्रैक्टर सीख रहे बालक की मृत्यु

👁 168 Views

मऊ जनपद में 50 लाख तथा उससे अधिक लागत के निर्माण कार्याे की होगी समीक्षा

👁 117 Views

सिर्फ दिल्ली में ही नहीं, COVID-19 वैक्सीन पूरे देश में मुफ्त होगी: डॉ हर्षवर्धन

👁 77 Views

ओडिशा में आज से सिनेमा घर खोलने की मिली अनुमति

👁 67 Views

रूस के गेदज़ुख मे 5.1 तीव्रता का भुकंप

👁 65 Views

WA